Chanakya Niti Chapter 15 Hindi English | चाणक्य नीति पन्द्रहवां अध्याय अर्थ सहित
Chanakya Niti fifteenth 15th Chapter 15 shlokas meaning in Hindi English | चाणक्य नीति पन्द्रहवां अध्याय हिंदी इंग्लिश अर्थ सहित दोस्तो, आज हम चाणक्य नीति पन्द्रहवां अध्याय का हिंदी इंग्लिश अर्थ सहित (chanakya niti chapter 15 in Hindi and English ) विस्तार से अध्ययन करेंगे| आशा करते हैं इससे आपके जीवन में अवश्य ही सकारात्मक परिवर्तन आएगा| Chanakya Niti Chapter 15 in Hindi and English चाणक्य नीति पन्द्रहवां अध्याय हिंदी इंग्लिश अर्थ सहित संस्कृत श्लोक – 1 यस्य चित्तं द्रवीभूतं कृपया सर्वजन्तुषु। तस्य ज्ञानेन मोक्षेण किं जटा भस्मलेपनैः।।1।। दोहा – 1 जासु चित्त सब जन्तु पर, आलित या रस माह। तासु ज्ञान मुक्ति जटा, भस्म लेप कर काह ।।1।। हिंदी अर्थ:- आचार्य चाणक्य कहते हैं जिस मनुष्य का ह्रदय सभी मनुष्य जीव जंतुओं के लिए दया भाव से भरा होता है, उसे ज्ञान, मोक्ष, जटा, भस्म लेपन आदि रखने की क्या जरुरत| यह सब दिखावा है असली संत वही है जिसका दिल अन्दर से साफ है| English Meaning:- The man whos heart filled with compassion for all, does not need any scripture knowledge, liberation...