Chanakya Niti Chapter 5 Hindi English | चाणक्य निति पंचम अध्याय अर्थ सहित
Chanakya Niti chapter 5 shlokas with meaning in Hindi English | चाणक्य नीति पांचवां अध्याय श्लोक हिंदी इंग्लिश अर्थ सहित चाणक्य भारतीय इतिहास में राजनीती और अर्थशास्त्र के अग्रदूत माने जाते हैं| इन्होने अपने जीवन के अनुभव के आधार पर और वेदों में लिखे ज्ञान के आधार पर कुछ संस्कृत श्लोकों को संग्रह किया जिसे चाणक्य निति कहा जाता है| चाणक्य नीति के 17 अध्याय में से पांचवे अध्याय (Chanakya Niti 5th Chapter in Hindi English) में भी जीवन के मूल मन्त्र संगृहीत हैं| आज हम चाणक्य निति के पंचम अध्याय की हिंदी इंग्लिश अर्थ सहित ( Chanakya Niti chapter 5 shlokas with meaning in Hindi English) चर्चा करेंगे Chanakya Niti Chapter 5 with Meaning in Hindi English (1-10) चाणक्य नीति पंचम अध्याय हिंदी इंग्लिश अर्थ सहित संस्कृत श्लोक – 1 गुरुरग्निर्द्विजातीनां वर्णानां ब्राह्मणो गुरुः। पतिरेव गुरुः स्त्रीणां सर्वस्याभ्यगतो गुरुः।।1।। दोहा – 1 अभ्याात सबको शुरु, नारि शुरु पति जान । विजन अनि शुरु चारिहूँ, वन विप्र शुरु मान ।।१।। हिंदी अर्थ:- आचार्य चाणक्य यहां गुरु की व्याख्या-विवेचना एवं स्वरूप...